जानें पढ़ाई करते समय बैठने के तरीके | (Padhai karte samay baithne ke liye tarika) आज के वर्तमान युग में ज्यादातर छात्र किसी भी स्थिति में बैठकर पढ़ने लगते हैं और फिर वो यह बात कहते हैं, कि वह जो कुछ भी पढ़ रहे हैं, उन्हें समझ में नहीं आ रहा है। इसके अतिरिक्त उन्हे यह भी लगता है, कि उनका दिमाग कमजोर है।
तो हम आपको यह बात बता देते हैं कि जब कभी भी आप सही स्थिति में बैठकर पढ़ाई करेंगे, तो आपको वह पढ़ाई पूरी तरह से समझ में आयेगी। इसलिए आज हम आपको इस लेख के माध्यम से पढ़ाई करते समय कैसे बैठना चाहिए के बारे में बताने जा रहे हैं।
पढ़ाई करते समय सही स्थिति में बैठना बहुत ही जरूरी है, अन्यथा यह पता ही नहीं चलता कि आपने पढ़ाई भी की है, या नहीं। यदि आप सही स्थिति में बैठकर लगतार कुछ समय के लिए पढ़ेंगे, तो आपको समझ में आएगा कि आज आपने अपना वक्त पढ़ाई पर दिया है।
तो सही स्थिति में बैठकर पढ़ाई करने के लिए आप इस लेख को अवश्य पढ़ें और इस बात की जानकारी प्राप्त करें कि पढ़ाई करते समय कैसे बैठना चाहिए। जिससे आप कम समय में भी पढ़कर अच्छा खासा ज्ञान प्राप्त कर सकें।
पढ़ाई करते समय बैठने के तरीके | padhai karte samay baithne ke liye tarika (टॉप 5 तरीके जानें)

किसी भी छात्र को पढ़ाई करते समय बैठने की स्थिति अवश्य ध्यान में रखनी चाहिए, जब आप सही स्थिति में बैठ कर पढ़ाई करेंगे। तो आपको पढ़ाई पूर्ण रूप से समझ में आएगी और आप पढ़ाई में अब्बल भी हो सकते हैं।
जिसके लिए हम नीचे कुछ विशेष तरीके बताएं अर्थात आपको यह बताया गया है, कि पढ़ाई करते समय बैठने के पांच तरीके निम्न प्रकार से दिए गए हैं, तो आइए अब हम आपको इस बात की जानकारी देते हैं कि पढ़ाई करते समय कैसे बैठना चाहिए?
#1. पूर्व दिशा के तरफ मुंह करें
ऐसा माना जाता है कि पूर्व दिशा कि तरफ मुंह करके बैठने से शरीर के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचालन होता है। जिससे किसी भी कार्य में हमारा मन पूर्ण रूप से लगा रहता है और साथ में कार्य भी बहुत अच्छे से होता है।
जहां पर बात है, कि पढ़ाई करते समय कैसे बैठना चाहिए? तो पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके अवश्य बैठे। ताकि आपको सकारात्मक ऊर्जा प्रदान हो सके और आप अपनी पढ़ाई मन लगाकर कर सके।
इसके अतिरिक्त जब आप पूर्व दिशा में मुंह करके बैठेंगे, तो आपके आंखों पर ज्यादा जोर भी नहीं आएगा। क्योंकि पूर्व दिशा से आने वाली सूर्य की रोशनी आपके किताबों पर पड़ेंगी, जिससे आपको लिखी हुई चीजें बिल्कुल साफ दिखाई देंगी।
हालांकि, जब आपके पास कोई ऐसी व्यवस्था ना कि आप पूर्व दिशा में मुंह करके पढ़ाई कर सकें, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप अपना मुंह दीवाल के तरफ करके पढ़ाई करें, इससे आपको इधर – उधर की चीजों पर ध्यान नहीं जाएगा और आपको किसी भी प्रकार से डिस्टरबेंस नहीं होगा।
यदि आपका मन पढ़ाई में पूर्ण रूप से लग गया, तो दिशा चाहे जो भी हो। आपको यह फर्क नहीं पड़ेगा कि आप किस दिशा में बैठे हैं और आप पढ़ाई मन लगाकर करेंगे, बस आप बैठने के लिए किसी को उचित स्थान का चयन कर ले।
#2. बैठने के लिए कुर्सी चयन करे
किसी भी छात्रों को बैठकर पढ़ाई करने के लिए लकड़ी के कुर्सी का चयन कर लेना चाहिए। क्योंकि लकड़ी की कुर्सी बिल्कुल सीधी होती है और लकड़ी की कुर्सी में आपको उस प्रकार की कुर्सी का चयन करना है, जो मुख्यतः पढ़ाई के लिए ही बनाया गया है।
क्योंकि, जो कुर्सी मुख्यतः पढ़ाई के लिए बनाया जाता है, वह बिल्कुल सीधी होती है और उनके हत्थे नहीं होते है। इसके अतिरिक्त लकड़ी के कुर्सी में ज्यादा भार होने की वजह से स्थिर भी रहता है।
इस वजह से आपको उस कुर्सी पर बिल्कुल सीधा ही बैठना पड़ेगा, जिससे आपका पूरा फोकस आपके अपने पढ़ाई पर होगा। इसके साथ – साथ आप लकड़ी के मेज का भी चयन कर ले।
यदि आप लकड़ी की कुर्सी और मेज खरीदनी या बनवाने में असमर्थ है, तो आप शांतिपूर्वक फर्श पर बैठकर भी पढ़ाई कर सकते हैं। वैसे, भी पूर्वजों ने जमीन पर ही पढ़ाई की है और बिल्कुल शांत स्वभाव के साथ बैठकर पढ़ा है,
तो आप किसी ऐसे स्थान का चयन करें, जहां पर आप किसी भी प्रकार के डिस्टरबेंस ना हो और आप बिल्कुल शांत स्वभाव अपने पढ़ाई पर पूरी तरह से फोकस कर सकें, तो अब यह जरूरी नहीं कि आप कुर्सी और मेज का इस्तेमाल करके पढ़े।
#3. पैर को जमीन पर रखें
जब आप कुर्सी और मेज का इस्तेमाल करके पढ़ाई करेंगे, तो आपको कुर्सी पर बैठते समय इस बात का ध्यान रखना है, कि आपका पैर जमीन पर स्थिर होना चाहिए। क्योंकि ज्यादातर छात्र कुर्सी पर बैठते समय अपने पैर हिलाने लगते है, जो बिल्कुल हीं गलत बात है।
पढ़ाई करते समय मन बिल्कुल शांत होना चाहिए और पूरा फोकस पढ़ाई पर होना चाहिए। जब आप पढ़ाई पर पूरी तरह से फोकस कर पाएंगे, तभी आपको पढ़ाई पूरी तरह से समझ में आएगा और आपका पढ़ाई में मन लगा रहेगा।
तो आप जब कभी भी पढ़ाई करने के लिए कुर्सी पर बैठे, तो आप अपने पैरों को स्थिर अवश्य रखें और पढ़ाई पर पूरी तरह से फोकस करें और हमेशा अच्छे अंक प्राप्त करने की कोशिश करें।
#4. Relax हो कर बैठे
जब आप पढ़ाई करने के लिए बैठ रहे हैं, तो आप बिल्कुल रिलैक्स होकर पढ़ाई करने के लिए बैठे। इससे आपको पढ़ाई अच्छे से समझ में आएगा और इस वजह से आप का मन पढ़ाई में पूरी तरह से लगा रहे हैं।
ज्यादातर बच्चे जब पढ़ाई करने बैठते हैं, तो वह यह विचार कर लेते हैं, की आज हम इतना सिलेबस खत्म कर देंगे।
इससे उनका आधा समय विचार करने में ही निकल जाता है और फिर उनको समझ में नहीं आता कि क्या पढ़े? इसके अतिरिक्त और सारे पढ़ाई करते समय इधर उधर की बातें सोचने लगते हैं।
इसलिए आपको बिल्कुल रिलैक्स होकर पढ़ाई करने के लिए बैठना है और आपको अपने दिमाग में किसी भी प्रकार के हड़बड़ी नहीं होने देनी है।
अर्थात आपको इधर उधर की बातें नहीं सोचती है, आपको केवल पढ़ाई पर ध्यान देना है, तो आप बिल्कुल शांत मन से पढ़ाई करने के लिए बैठे।
#5. लेट कर न पढ़े
किसी छात्र को लेट कर पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। क्योंकि जब छात्र लेटकर पढ़ाई करते हैं, तो उन्हें नींद आने लगती है और उसे पता ही नहीं चलता कि वह पढ़ते-पढ़ते कब सो गए।
इसलिए आपको हमेशा बैठकर पढ़ाई करना चाहिए और शायद आपको इस बात की जानकारी भी होगा कि बैठकर पढ़ाई करना एक अच्छी आदत है।
इसके अतिरिक्त आप दीवाल या किसी अन्य चीज का सहारा लेकर ना बैठे, इससे आप लंबे समय तक बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं और आपका पूरा फोकस पढ़ाई कर रहे हो।
तो पढ़ाई करते समय आपको इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा कि आप कभी लेट कर पढ़ाई ना करें।
क्या मुझे कुर्सी पर बैठकर पढ़ाई करनी चाहिए?
जी बिल्कुल, आपको कुर्सी पर बैठकर पढ़ना चाहिए, पढ़ाई करने के लिए बहुत सारी ऐसी कुर्सियां बनाए गए हैं। इस पर आप आराम से लंबे समय तक पढ़ाई कर सकते हैं।
यदि आप इन कुर्सियों को खरीदने में सक्षम है तो आप पढ़ाई वाली खुशियों का सहारा लेकर पढ़ाई पूरी करें।
पढ़ाई के दौरान कहां बैठना चाहिए?
पढ़ाई के दौरान आपको किसी शांत स्थान पर बैठना चाहिए। वह शांत स्थान ऐसा होना चाहिए, जहां पर आपको कोई भी किसी प्रकार से डिस्टर्ब ना कर सके। जिससे आप अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह से फोकस कर पाए।
Conclusion – padhai karte samay baithne ke liye top 5 tarika
आज हमने आपको इस लेख के माध्यम से इस बात की जानकारी दी है, कि पढ़ाई करते समय कैसे बैठना चाहिए? हम उम्मीद करते हैं, कि आपको इस लेख के माध्यम से जो भी जानकारी प्राप्त हुई है। वह पूर्ण रूप से समझ में आई होगी और आप कभी भी पढ़ाई करते समय इस बात का अवश्य ध्यान रखेंगे।
यदि आप पढ़ाई करने के लिए उन सभी अनुसरण कर लिया, तो शायद आप लंबे समय तक पढ़ सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप जो कुछ भी पढ़ेंगे, वह पूरी तरह से समझ में आ सकता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में आपका पूरा फोकस आपके आपने पढ़ाई पर होगा।